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1997 से पलवल की ज़मीन में शर्तें लिखित में उसी दिन WhatsApp पर जवाब

गाइड · पैसा

स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्री ख़र्च, आधिकारिक तालिका से

पढ़कर सुनाएँ

ड्यूटी की परतें कौन-कौन सी हैं?

गाँव की पट्टी में एक सवाल और पूछिए: पंचायत-क्षेत्र का +2% सरचार्ज (2021 की अधिसूचना) — काग़ज़ पर है, अमल जगह-जगह अलग बताया जाता है; बजट उसे जोड़कर बनाइए और डेस्क का लिखित हिसाब आख़िरी शब्द मानिए।

बिक्री-डीड ड्यूटी (आधिकारिक परतें)

आधार (अनुसूची 1-A)
5%
नगर-सीमा के भीतर
+2% (GGM/मानेसर/फ़रीदाबाद MC: +1%)
महिला के नाम डीड
−2% छूट
पुरुष — शहरी/ग्रामीण
7% / 5%
महिला — शहरी/ग्रामीण
5% / 3%
हिसाब का आधार
दाम या सर्किल-रेट — जो ऊँचा

अंतिम सत्यापन: 17 जुलाई 2026

रजिस्ट्रेशन फ़ीस की सीढ़ी कैसी है?

“1%, ऊपर पचास हज़ार” वाला रिवाज़ ग़लत है। आधिकारिक तालिका सीढ़ी है: ₹50 हज़ार तक ₹100 · ₹1 लाख तक ₹500 · ₹5 लाख तक ₹1,000 · ₹10 लाख तक ₹5,000 · ₹20 लाख तक ₹10,000 · ₹25 लाख तक ₹12,500 · ₹30 लाख तक ₹15,000 — फिर हर ₹10 लाख पर ₹5,000 बढ़कर ₹90 लाख तक ₹45,000 — और ₹50,000 की छत सिर्फ़ ₹90 लाख से ऊपर। साथ में बिक्री-डीड पर ₹200 का सेवा-शुल्क (HARIS)। बाद में इंतक़ाल ₹250 अलग।

₹90 लाख

फ़ीस-छत की असली दहलीज़ — “₹25 लाख पर 50 हज़ार” वाली बात रिवाज़ है, तालिका नहीं।

पैसा जाता कैसे है?

ई-स्टाम्पिंग e-GRAS से होती है — रजिस्ट्री-प्रक्रिया के भीतर, डीड के ब्योरे पर; न स्टाम्प-पेपर की दौड़, न फ़्रैंकिंग की लाइन। रसीद-रेफ़रेंस डीड से रुपये-रुपये मिलाकर ही डेस्क से उठिए। और “संयुक्त” डीड पर माइक्रो-नोट फिर से: 6/4 लिखा-पढ़ी में कहीं सरकारी नहीं — ई-स्टाम्प की गणना ही आपकी डीड का अंतिम आँकड़ा है। जब बात असली ज़मीन तक पहुँचे: पलवल में रजिस्ट्री — डीड की फ़ाइल तैयार करने वाला दफ़्तर।

यहाँ से शुरू करें

डीड सिर पर है, हिसाब उलझा है?

आँकड़े भेजिए; भुगतान से पहले परतों का लिखित हिसाब।

हम क्या काम लेते हैं

पलवल ज़िले और नूंह (मेवात) ज़िले में ज़मीन की ख़रीद, बिक्री या रिकॉर्ड की जाँच — प्लॉट, खेती की ज़मीन, कमर्शियल और औद्योगिक टुकड़े — लिखित ज़रूरत के आधार पर।

हम क्या काम नहीं लेते

हम ऐसा कोई काम नहीं लेते जिसका अकेला मक़सद किसी मालिक पर दबाव डालकर मजबूरी में या जानबूझकर कम दाम पर बिक्री कराना हो। क़ीमत का अंदाज़ा चाहिए तो पहले गाँव और खसरा भेजिए।

आप क्या भेजें

ख़रीद: मक़सद, गाँव या इलाक़ा, ज़मीन की क़िस्म और रक़बा, बजट, समय-सीमा, और पैसे का इंतज़ाम हुआ या नहीं। बिक्री: गाँव, ज़मीन की क़िस्म और रक़बा, ज़मीन अकेले की है, साझा है या विरासत में मिली, सभी मालिक सहमत हैं या नहीं, माँगी क़ीमत, समय-सीमा और हाथ में काग़ज़। जाँच: ज़िला, तहसील और गाँव, खसरा या खेवट, सौदा किस चरण में है, और आपकी चिंता क्या है।

फिर क्या होता है

कार्य-समय (सोम–शनि 10–7) में उसी दिन जवाब — ज़रूरी हो तो कॉल कीजिए। ज़मीन ढूँढने या रिकॉर्ड जाँचने में ज़्यादा समय लगता है। शाम 7 बजे के बाद और रविवार को जवाब अगले कार्य-दिवस आता है। आपकी ज़रूरत लिखित में दोहराई जाती है और किसी भी टुकड़े की बात से पहले रिकॉर्ड की पहली जाँच होती है।

फ़ीस और काम का दायरा किसी भी काम से पहले लिखित में तय होते हैं। मौक़े पर जाना तभी होता है जब ज़रूरत लिखित में हो और रिकॉर्ड की पहली जाँच हो चुकी हो। आपकी मंज़ूरी के बिना कुछ भी हमारे दफ़्तर से बाहर साझा नहीं होता; जहाँ किसी साझेदार की ज़रूरत हो, उसका नाम पहले लिखित शर्तों में आता है।

पहले — आपको क्या चाहिए?

सबसे तेज़ — एक टैप

WhatsApp पर बताइए

भरने वाला एक संदेश खुलता है: पंक्तियों के जवाब लिखिए, कुछ भी बदलिए, फिर भेजिए।

WhatsApp पर भेजें

इस फ़ोन या कंप्यूटर पर WhatsApp नहीं है? कॉल कीजिए +91 70155 03815 (सोम–शनि 10:00–19:00 IST · रविवार बंद).

या पहले यहाँ जवाब दीजिए

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