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1997 से पलवल की ज़मीन में शर्तें लिखित में उसी दिन WhatsApp पर जवाब

हमारा दफ़्तर

हम कैसे काम करते हैं — ज़रूरत से रजिस्ट्री तक

यही क्रम दो एकड़ की खेती की ज़रूरत पर भी चलता है और कॉरिडोर-किनारे के औद्योगिक ब्लॉक पर भी — पलवल में बैठे ख़रीदार के लिए भी, और पूरी तरह वीडियो पर काम करने वाले NRI परिवार के लिए भी। इसमें कोई क़दम छोड़ा नहीं जाता, क्योंकि इस बाज़ार में हर छूटे क़दम के साथ कोई न कोई ठगी जुड़ी है।

कार्य-समय (सोम–शनि 10–7) में उसी दिन जवाब — ज़रूरी हो तो कॉल कीजिए। ज़मीन ढूँढने या रिकॉर्ड जाँचने में ज़्यादा समय लगता है। ज़मीन ढूँढने या रिकॉर्ड जाँचने में इससे ज़्यादा समय लगता है, काम के हिसाब से।

शर्तें जावेद ख़ुद तय करते हैं: यह काम कौन चलाता है।

काम की शर्तें — ख़ाली ख़ाका

हर काम इसी काग़ज़ से शुरू होता है — कोई भी काम शुरू होने से पहले दोनों पक्ष मिलकर भरते हैं। जब तक दोनों न लिखें, इसमें कोई रक़म नहीं होती।

  1. पक्ष — ग्राहक, और हाईलाइन एस्टेट्स, न्यू कॉलोनी, पलवल
  2. काम — ख़रीद, बिक्री या जाँच
  3. ज़मीन या ज़रूरत — ज़िला, तहसील, गाँव, खेवट या खसरा
  4. दायरा — दफ़्तर क्या करेगा, और क्या नहीं
  5. ग्राहक कौन-से काग़ज़ देगा, और कब तक
  6. साइट विज़िट कब — ज़रूरत और रिकॉर्ड की पहली जाँच के बाद
  7. फ़ीस का आधार — दोनों पक्ष लिखते हैं
  8. तारीख़, और दोनों के दस्तख़त

कोई भी काम शुरू होने से पहले फ़ीस और दायरा लिखित में तय होते हैं।

काम का क्रम

ख़रीद, क़दम-दर-क़दम

  1. 01

    आप अपनी ज़रूरत भेजते हैं

    बजट, इस्तेमाल, पसंद के गाँव या कॉरिडोर की तरफ़ — एक WhatsApp मैसेज या फ़ॉर्म से शुरुआत होती है। कार्य-समय (सोम–शनि 10–7) में उसी दिन जवाब — ज़रूरी हो तो कॉल कीजिए। ज़मीन ढूँढने या रिकॉर्ड जाँचने में ज़्यादा समय लगता है।

  2. 02

    शर्तें लिखित में

    कमीशन, दायरा और समय — बाक़ी कुछ भी होने से पहले काग़ज़ पर। यही वादा है, और यह क़दम छोड़ा नहीं जाता।

  3. 03

    शॉर्टलिस्ट, निजी तौर पर

    आपकी लिखित ज़रूरत से मेल खाती ज़मीन ढूँढी जाती है — कोई सार्वजनिक लिस्टिंग नहीं। शॉर्टलिस्ट आपके सामने आने से पहले हर ज़मीन पर चलकर देखा जाता है और उसके काग़ज़ निकाले जाते हैं।

  4. 04

    साइट विज़िट, आपकी शर्तों पर

    ज़मीन पर हम आपके साथ चलते हैं, एक हद से दूसरी हद तक, काग़ज़ हाथ में लेकर। NRI ख़रीदारों को वही विज़िट वीडियो पर मिलती है — हद के पत्थरों से पहुँच-रास्ते तक।

  5. 05

    टाइटल और काग़ज़ों की जाँच

    जमाबंदी, इंतक़ाल की कड़ी, खसरा ज़मीन पर मिलाकर, गिरदावरी और बोझ की जाँच — टोकन देने से पहले पूरी जाँच होती है।

  6. 06

    रजिस्ट्री, साथ में

    डीड का मसौदा, ड्यूटी का हिसाब, अपॉइंटमेंट; सब-रजिस्ट्रार के दफ़्तर में हम आपके साथ बैठते हैं। उसके बाद इंतक़ाल तक पीछा चलता है — सौदा डीड पर ख़त्म नहीं होता।

रजिस्ट्री के बाद

सौदा तब पूरा होता है जब रिकॉर्ड कहे

रजिस्ट्री से डीड बदलती है; इंतक़ाल से राजस्व रिकॉर्ड बदलता है। हम तहसील दफ़्तर में इंतक़ाल की एंट्री का पीछा तब तक करते हैं जब तक जमाबंदी में नया मालिक न दिखे — क्योंकि अगला ख़रीदार, और हर सरकारी काम, यही रिकॉर्ड पढ़ेगा।

बेचने वालों के लिए भी यही रास्ता, उल्टी दिशा में: पहले काग़ज़ों की जाँच, पेशकश लिखित में, और फ़ैसला आपका। आपकी लिखित मंज़ूरी के बिना कुछ भी सार्वजनिक रूप से विज्ञापित नहीं होता। आपके बिना कुछ भी साइन नहीं होता, और समझौता पाने के लिए आपकी उम्मीद को बढ़ा-चढ़ाकर नहीं बताया जाता।

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हम क्या काम लेते हैं

पलवल ज़िले और नूंह (मेवात) ज़िले में ज़मीन की ख़रीद, बिक्री या रिकॉर्ड की जाँच — प्लॉट, खेती की ज़मीन, कमर्शियल और औद्योगिक टुकड़े — लिखित ज़रूरत के आधार पर।

हम क्या काम नहीं लेते

हम ऐसा कोई काम नहीं लेते जिसका अकेला मक़सद किसी मालिक पर दबाव डालकर मजबूरी में या जानबूझकर कम दाम पर बिक्री कराना हो। क़ीमत का अंदाज़ा चाहिए तो पहले गाँव और खसरा भेजिए।

आप क्या भेजें

ख़रीद: मक़सद, गाँव या इलाक़ा, ज़मीन की क़िस्म और रक़बा, बजट, समय-सीमा, और पैसे का इंतज़ाम हुआ या नहीं। बिक्री: गाँव, ज़मीन की क़िस्म और रक़बा, ज़मीन अकेले की है, साझा है या विरासत में मिली, सभी मालिक सहमत हैं या नहीं, माँगी क़ीमत, समय-सीमा और हाथ में काग़ज़। जाँच: ज़िला, तहसील और गाँव, खसरा या खेवट, सौदा किस चरण में है, और आपकी चिंता क्या है।

फिर क्या होता है

कार्य-समय (सोम–शनि 10–7) में उसी दिन जवाब — ज़रूरी हो तो कॉल कीजिए। ज़मीन ढूँढने या रिकॉर्ड जाँचने में ज़्यादा समय लगता है। शाम 7 बजे के बाद और रविवार को जवाब अगले कार्य-दिवस आता है। आपकी ज़रूरत लिखित में दोहराई जाती है और किसी भी टुकड़े की बात से पहले रिकॉर्ड की पहली जाँच होती है।

फ़ीस और काम का दायरा किसी भी काम से पहले लिखित में तय होते हैं। मौक़े पर जाना तभी होता है जब ज़रूरत लिखित में हो और रिकॉर्ड की पहली जाँच हो चुकी हो। आपकी मंज़ूरी के बिना कुछ भी हमारे दफ़्तर से बाहर साझा नहीं होता; जहाँ किसी साझेदार की ज़रूरत हो, उसका नाम पहले लिखित शर्तों में आता है।

पहले — आपको क्या चाहिए?

सबसे तेज़ — एक टैप

WhatsApp पर बताइए

भरने वाला एक संदेश खुलता है: पंक्तियों के जवाब लिखिए, कुछ भी बदलिए, फिर भेजिए।

WhatsApp पर भेजें

इस फ़ोन या कंप्यूटर पर WhatsApp नहीं है? कॉल कीजिए +91 70155 03815 (सोम–शनि 10:00–19:00 IST · रविवार बंद).

या पहले यहाँ जवाब दीजिए

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