सामग्री पर जाएँ
ENहिं WhatsApp

1997 से पलवल की ज़मीन में शर्तें लिखित में उसी दिन WhatsApp पर जवाब

हमारा दफ़्तर

संपर्क — पलवल का दफ़्तर, कॉल या WhatsApp

पहले मैसेज में तीन बातें काफ़ी हैं: गाँव, खसरा और आपका सवाल। बेचना है तो अपनी उम्मीद भी लिखिए; ख़रीदना है तो बजट और इस्तेमाल — जवाब उतना ही सटीक आएगा।

लिखा हुआ सवाल लिखा हुआ जवाब पाता है, और वही आगे फ़ाइल में रहता है — यहाँ हर पड़ाव काग़ज़ पर होता है। फ़ीस और काम का दायरा किसी भी काम से पहले लिखित में तय होते हैं।

संपर्क

कॉल या WhatsApp — समय और संपर्क

+91 70155 03815 +91 70155 03815

सोम–शनि 10:00–19:00 IST · रविवार बंद

कार्य-समय (सोम–शनि 10–7) में उसी दिन जवाब — ज़रूरी हो तो कॉल कीजिए। ज़मीन ढूँढने या रिकॉर्ड जाँचने में ज़्यादा समय लगता है। शाम 7 बजे के बाद और रविवार को जवाब अगले कार्य-दिवस आता है।

समय और संपर्क: दफ़्तर के पीछे कौन — जावेद और पलवल दफ़्तर क्या-क्या संभालता है।

दफ़्तर को WhatsApp कीजिए
पलवल दफ़्तर

न्यू कॉलोनी, पलवल, हरियाणा 121102

पहले कॉल या WhatsApp कीजिए — जवाब उसी कार्य-दिवस आता है।

यहाँ से शुरू करें

अभी भेजिए — कार्य-समय में उसी दिन जवाब, ज़रूरी हो तो कॉल

हम क्या काम लेते हैं

पलवल ज़िले और नूंह (मेवात) ज़िले में ज़मीन की ख़रीद, बिक्री या रिकॉर्ड की जाँच — प्लॉट, खेती की ज़मीन, कमर्शियल और औद्योगिक टुकड़े — लिखित ज़रूरत के आधार पर।

हम क्या काम नहीं लेते

हम ऐसा कोई काम नहीं लेते जिसका अकेला मक़सद किसी मालिक पर दबाव डालकर मजबूरी में या जानबूझकर कम दाम पर बिक्री कराना हो। क़ीमत का अंदाज़ा चाहिए तो पहले गाँव और खसरा भेजिए।

आप क्या भेजें

ख़रीद: मक़सद, गाँव या इलाक़ा, ज़मीन की क़िस्म और रक़बा, बजट, समय-सीमा, और पैसे का इंतज़ाम हुआ या नहीं। बिक्री: गाँव, ज़मीन की क़िस्म और रक़बा, ज़मीन अकेले की है, साझा है या विरासत में मिली, सभी मालिक सहमत हैं या नहीं, माँगी क़ीमत, समय-सीमा और हाथ में काग़ज़। जाँच: ज़िला, तहसील और गाँव, खसरा या खेवट, सौदा किस चरण में है, और आपकी चिंता क्या है।

फिर क्या होता है

कार्य-समय (सोम–शनि 10–7) में उसी दिन जवाब — ज़रूरी हो तो कॉल कीजिए। ज़मीन ढूँढने या रिकॉर्ड जाँचने में ज़्यादा समय लगता है। शाम 7 बजे के बाद और रविवार को जवाब अगले कार्य-दिवस आता है। आपकी ज़रूरत लिखित में दोहराई जाती है और किसी भी टुकड़े की बात से पहले रिकॉर्ड की पहली जाँच होती है।

फ़ीस और काम का दायरा किसी भी काम से पहले लिखित में तय होते हैं। मौक़े पर जाना तभी होता है जब ज़रूरत लिखित में हो और रिकॉर्ड की पहली जाँच हो चुकी हो। आपकी मंज़ूरी के बिना कुछ भी हमारे दफ़्तर से बाहर साझा नहीं होता; जहाँ किसी साझेदार की ज़रूरत हो, उसका नाम पहले लिखित शर्तों में आता है।

पहले — आपको क्या चाहिए?

सबसे तेज़ — एक टैप

WhatsApp पर बताइए

भरने वाला एक संदेश खुलता है: पंक्तियों के जवाब लिखिए, कुछ भी बदलिए, फिर भेजिए।

WhatsApp पर भेजें

इस फ़ोन या कंप्यूटर पर WhatsApp नहीं है? कॉल कीजिए +91 70155 03815 (सोम–शनि 10:00–19:00 IST · रविवार बंद).

या पहले यहाँ जवाब दीजिए

संदेश तैयार करें