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1997 से पलवल की ज़मीन में शर्तें लिखित में उसी दिन WhatsApp पर जवाब

गाइड · प्रक्रिया

ई-रजिस्ट्री: स्क्रीन तैयारी करती है, डेस्क फ़ैसला

पढ़कर सुनाएँ

शुरू करने से पहले हाथ में क्या हो? (सूची)

  1. OTP वाला चालू मोबाइल — पोर्टल हर सत्र इसी से खोलता है
  2. पक्षों के नाम-पते ठीक वैसे जैसे रिकॉर्ड/आधार में — स्पेलिंग पहले मिलाइए
  3. खसरा, हिस्सा, गाँव — ताज़ा नक़ल से
  4. दाम और सर्किल-वैल्यू — e-GRAS का हिसाब ऊँचे पर बनेगा
  5. दो गवाहों के नाम-पहचान — अपॉइंटमेंट से पहले तय

पैसा कैसे चलता है?

ड्यूटी और फ़ीस e-GRAS से, डीड के ब्योरे पर — रसीद का रेफ़रेंस डेस्क पर डीड से मिलाया जाता है, इसलिए रुपये-रुपये का मिलान करके ही निकलिए। न स्टाम्प-पेपर, न फ़्रैंकिंग — पेमेंट-रास्ता यही है, और यही सबसे कम झंझट का भी।

5 डेस्क

पलवल · हथीन · होडल · हसनपुर · बहीन — गाँव तय करता है कौन-सा; ग़लत डेस्क की बुकिंग = बर्बाद सुबह।

डेस्क पर क्या नहीं बदलेगा?

क़ानूनी कोर: पक्ष (या धारा-33 वाला मुख़्तार) ख़ुद हाज़िर, स्वीकारोक्ति, फ़ोटो-बायोमेट्रिक, गवाहों की तसदीक़, एंडोर्समेंट। कोई पोर्टल इसे नहीं हटाता — और यही जालसाज़ी के ख़िलाफ़ असली दीवार भी है। रजिस्ट्री के बाद इंतक़ाल की एंट्री उसी हफ़्ते — रिकॉर्ड बदले बिना काम अधूरा है। जब बात असली ज़मीन तक पहुँचे: ई-रजिस्ट्री से पहले होने वाली जाँच।

यहाँ से शुरू करें

रजिस्ट्री-सप्ताह चल रहा है?

ब्योरा भेजिए; तैयारी की जाँच-सूची लिखित में। कार्य-समय (सोम–शनि 10–7) में उसी दिन जवाब — ज़रूरी हो तो कॉल कीजिए। ज़मीन ढूँढने या रिकॉर्ड जाँचने में ज़्यादा समय लगता है।

हम क्या काम लेते हैं

पलवल ज़िले और नूंह (मेवात) ज़िले में ज़मीन की ख़रीद, बिक्री या रिकॉर्ड की जाँच — प्लॉट, खेती की ज़मीन, कमर्शियल और औद्योगिक टुकड़े — लिखित ज़रूरत के आधार पर।

हम क्या काम नहीं लेते

हम ऐसा कोई काम नहीं लेते जिसका अकेला मक़सद किसी मालिक पर दबाव डालकर मजबूरी में या जानबूझकर कम दाम पर बिक्री कराना हो। क़ीमत का अंदाज़ा चाहिए तो पहले गाँव और खसरा भेजिए।

आप क्या भेजें

ख़रीद: मक़सद, गाँव या इलाक़ा, ज़मीन की क़िस्म और रक़बा, बजट, समय-सीमा, और पैसे का इंतज़ाम हुआ या नहीं। बिक्री: गाँव, ज़मीन की क़िस्म और रक़बा, ज़मीन अकेले की है, साझा है या विरासत में मिली, सभी मालिक सहमत हैं या नहीं, माँगी क़ीमत, समय-सीमा और हाथ में काग़ज़। जाँच: ज़िला, तहसील और गाँव, खसरा या खेवट, सौदा किस चरण में है, और आपकी चिंता क्या है।

फिर क्या होता है

कार्य-समय (सोम–शनि 10–7) में उसी दिन जवाब — ज़रूरी हो तो कॉल कीजिए। ज़मीन ढूँढने या रिकॉर्ड जाँचने में ज़्यादा समय लगता है। शाम 7 बजे के बाद और रविवार को जवाब अगले कार्य-दिवस आता है। आपकी ज़रूरत लिखित में दोहराई जाती है और किसी भी टुकड़े की बात से पहले रिकॉर्ड की पहली जाँच होती है।

फ़ीस और काम का दायरा किसी भी काम से पहले लिखित में तय होते हैं। मौक़े पर जाना तभी होता है जब ज़रूरत लिखित में हो और रिकॉर्ड की पहली जाँच हो चुकी हो। आपकी मंज़ूरी के बिना कुछ भी हमारे दफ़्तर से बाहर साझा नहीं होता; जहाँ किसी साझेदार की ज़रूरत हो, उसका नाम पहले लिखित शर्तों में आता है।

पहले — आपको क्या चाहिए?

सबसे तेज़ — एक टैप

WhatsApp पर बताइए

भरने वाला एक संदेश खुलता है: पंक्तियों के जवाब लिखिए, कुछ भी बदलिए, फिर भेजिए।

WhatsApp पर भेजें

इस फ़ोन या कंप्यूटर पर WhatsApp नहीं है? कॉल कीजिए +91 70155 03815 (सोम–शनि 10:00–19:00 IST · रविवार बंद).

या पहले यहाँ जवाब दीजिए

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