गाइड · विक्रेता
खेती की ज़मीन बेचने का क्रम, जैसा सच में चलता है
ख़रीदार आपकी किस चीज़ की जाँच करेगा?
सबसे पहले गिरदावरी — मौसम-दर-मौसम किसने बोया (ख़रीफ़ अक्टूबर से, रबी मार्च से दर्ज होती है)। जिस विक्रेता का नाम हाल के मौसमों में चलता है, वह मज़बूती से मोलभाव करता है; खाली जगह या किसी और का नाम सौदा तोड़ता नहीं, पर पहले से जवाब माँगता है। दूसरा — हदबंदी: सूचीबद्ध करने से पहले निशानदेही करा लेना वह सस्ता क़दम है जो बाद की सबसे आम अड़चन (पड़ोसी का बाड़ा) पहले ही मिटा देता है।
बयाना कैसे लें कि पछताना न पड़े?
लिखित इक़रारनामा — पक्ष रिकॉर्ड के मुताबिक़, खसरा-हिस्सा साफ़, कुल दाम, बयाना रक़म, दोनों तरफ़ की चूक पर उसका हश्र, रजिस्ट्री की समय-सीमा — और रक़म सिर्फ़ बैंक से। इक़रारनामे का स्टाम्प मामूली है (Art 5(c), ₹100), सो ख़र्च कोई बहाना नहीं। और जहाँ क़ब्ज़ा पहले दिया जा रहा हो, इक़रारनामे की रजिस्ट्री ही सुरक्षा है — 2001 के संशोधन (धारा 17(1A)) के बाद बिना रजिस्ट्री क़ब्ज़े वाला इक़रार कमज़ोर ढाल है।
बयाने के दो नियम। नक़द-और-ज़बान वाला बयाना झगड़े का चंदा है।
टैक्स की दो बातें कौन-सी हैं?
₹50 लाख या ऊपर के सौदे में ख़रीदार 1% TDS काटकर आपके PAN पर जमा करता है — डील-वैल्यू या स्टाम्प-वैल्यू, जो ऊँची हो। PAN न होना पैसा रोकता है। और पूँजी-लाभ (capital gains) का सवाल — आपकी ज़मीन ग्रामीण-कृषि की छूट में है या नहीं — नगर-सीमा से दूरी के क़ानूनी पैमानों पर तय होता है; यह CA से करा लेने वाला हिसाब है, WhatsApp का नियम नहीं।
रजिस्ट्री के दिन क्या-क्या होगा?
बुक किए स्लॉट पर अपनी तहसील के डेस्क पर: पहचान, फ़ोटो-बायोमेट्रिक, दो गवाह, इक़रार की स्वीकारोक्ति, और e-GRAS से पहले चुकाई ड्यूटी का मिलान। ग्रामीण ज़मीन पर ड्यूटी 5% (पुरुष) / 3% (महिला) — दाम या सर्किल-रेट में जो ऊँचा हो उस पर; रजिस्ट्रेशन फ़ीस सरकारी सीढ़ी से; बाद में इंतक़ाल ₹250। उसी हफ़्ते इंतक़ाल दर्ज कराना विक्रेता के हित में भी है — ज़िम्मेदारी साफ़ कटती है। जब बात असली ज़मीन तक पहुँचे: पलवल में खेती की ज़मीन बेचें।
स्रोत
- अंग्रेज़ी गाइड (मूल) — 17 जुलाई 2026
- ड्यूटी-फ़ीस — आधिकारिक तालिकाएँ — jamabandi.nic.in PDF + CAG, 17 जुलाई 2026
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बेचने का इरादा पक्का है?
गाँव-खसरा भेजिए; अगला सही क़दम लिखित में। कार्य-समय (सोम–शनि 10–7) में उसी दिन जवाब — ज़रूरी हो तो कॉल कीजिए। ज़मीन ढूँढने या रिकॉर्ड जाँचने में ज़्यादा समय लगता है।
पलवल ज़िले और नूंह (मेवात) ज़िले में ज़मीन की ख़रीद, बिक्री या रिकॉर्ड की जाँच — प्लॉट, खेती की ज़मीन, कमर्शियल और औद्योगिक टुकड़े — लिखित ज़रूरत के आधार पर।
हम ऐसा कोई काम नहीं लेते जिसका अकेला मक़सद किसी मालिक पर दबाव डालकर मजबूरी में या जानबूझकर कम दाम पर बिक्री कराना हो। क़ीमत का अंदाज़ा चाहिए तो पहले गाँव और खसरा भेजिए।
ख़रीद: मक़सद, गाँव या इलाक़ा, ज़मीन की क़िस्म और रक़बा, बजट, समय-सीमा, और पैसे का इंतज़ाम हुआ या नहीं। बिक्री: गाँव, ज़मीन की क़िस्म और रक़बा, ज़मीन अकेले की है, साझा है या विरासत में मिली, सभी मालिक सहमत हैं या नहीं, माँगी क़ीमत, समय-सीमा और हाथ में काग़ज़। जाँच: ज़िला, तहसील और गाँव, खसरा या खेवट, सौदा किस चरण में है, और आपकी चिंता क्या है।
कार्य-समय (सोम–शनि 10–7) में उसी दिन जवाब — ज़रूरी हो तो कॉल कीजिए। ज़मीन ढूँढने या रिकॉर्ड जाँचने में ज़्यादा समय लगता है। शाम 7 बजे के बाद और रविवार को जवाब अगले कार्य-दिवस आता है। आपकी ज़रूरत लिखित में दोहराई जाती है और किसी भी टुकड़े की बात से पहले रिकॉर्ड की पहली जाँच होती है।
फ़ीस और काम का दायरा किसी भी काम से पहले लिखित में तय होते हैं। मौक़े पर जाना तभी होता है जब ज़रूरत लिखित में हो और रिकॉर्ड की पहली जाँच हो चुकी हो। आपकी मंज़ूरी के बिना कुछ भी हमारे दफ़्तर से बाहर साझा नहीं होता; जहाँ किसी साझेदार की ज़रूरत हो, उसका नाम पहले लिखित शर्तों में आता है।
सबसे तेज़ — एक टैप
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भरने वाला एक संदेश खुलता है: पंक्तियों के जवाब लिखिए, कुछ भी बदलिए, फिर भेजिए।
WhatsApp पर भेजेंइस फ़ोन या कंप्यूटर पर WhatsApp नहीं है? कॉल कीजिए +91 70155 03815 (सोम–शनि 10:00–19:00 IST · रविवार बंद).
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वहीं से भेजिए। कार्य-समय (सोम–शनि 10–7) में उसी दिन जवाब — ज़रूरी हो तो कॉल कीजिए। ज़मीन ढूँढने या रिकॉर्ड जाँचने में ज़्यादा समय लगता है।
इस फ़ोन या कंप्यूटर पर WhatsApp नहीं है? कॉल कीजिए +91 70155 03815 (सोम–शनि 10:00–19:00 IST · रविवार बंद).