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1997 से पलवल की ज़मीन में शर्तें लिखित में उसी दिन WhatsApp पर जवाब

गाइड · प्रक्रिया

निशानदेही: बाड़ से पहले नक़्शे की नाप

पढ़कर सुनाएँ

आवेदन कैसे और कहाँ होता है?

राजस्व विभाग के नागरिक-सेवा रास्ते से — गाँव, खसरा और आपका हित लिखकर। फ़ाइल हलक़े के अमले के पास जाती है और नाप मौक़े पर होती है। सेवा तक़रीबन 45 दिन की अधिसूचित सीमा में सूचीबद्ध है — यह संख्या इसलिए याद रखिए कि चुपचाप उससे ऊपर निकल गई फ़ाइल पर आपको विनम्र, ठोस सवाल पूछने और आगे बढ़ाने का आधार मिल जाता है।

~45 दिन

सूचीबद्ध सेवा-सीमा — रुकी फ़ाइल को “पूछने लायक़” बनाने वाली घड़ी।

मौक़े पर होता क्या है?

अमला नक़्शा लेकर आता है और हद नक़्शे के स्थिर बिंदुओं से नापी जाती है — किसी की बाड़, याददाश्त या दादा की कहानी से नहीं। पक्ष मौजूद रहते हैं, और जहाँ हद पड़ोसी को छूती है, पड़ोसी भी बुलाए जाते हैं — यही बात इस नाप को बाद में झुठलाना कठिन बनाती है। नतीजा रिपोर्ट में दर्ज होता है, जो आपकी डीड-फ़ाइल का हिस्सा बनती है। असहमति हो तो रास्ता ऊँचे अधिकारी से दोबारा नाप है — मैदान में ऊँची आवाज़ नहीं।

कब-कब करानी ही चाहिए? (सूची)

  1. बाड़/चारदीवारी से पहले — ख़ासकर फ़ार्महाउस पट्टी में
  2. ख़रीद से पहले, जहाँ हद पर ज़रा भी शक हो
  3. बेचने से पहले — “पड़ोसी का बाड़ा” वाली अड़चन पहले ही मिटा दीजिए
  4. बँटवारे के बाद, ताकि हिस्सों की हदें काग़ज़ से मिलें

जब बात असली ज़मीन तक पहुँचे: हद पर शक हो तो वह टाइटल जाँच में जाता है।

स्रोत

  1. अंग्रेज़ी गाइड (मूल) — 17 जुलाई 2026

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हद का झगड़ा या शक है?

गाँव-खसरा भेजिए; निशानदेही तक का सही रास्ता, लिखित में।

हम क्या काम लेते हैं

पलवल ज़िले और नूंह (मेवात) ज़िले में ज़मीन की ख़रीद, बिक्री या रिकॉर्ड की जाँच — प्लॉट, खेती की ज़मीन, कमर्शियल और औद्योगिक टुकड़े — लिखित ज़रूरत के आधार पर।

हम क्या काम नहीं लेते

हम ऐसा कोई काम नहीं लेते जिसका अकेला मक़सद किसी मालिक पर दबाव डालकर मजबूरी में या जानबूझकर कम दाम पर बिक्री कराना हो। क़ीमत का अंदाज़ा चाहिए तो पहले गाँव और खसरा भेजिए।

आप क्या भेजें

ख़रीद: मक़सद, गाँव या इलाक़ा, ज़मीन की क़िस्म और रक़बा, बजट, समय-सीमा, और पैसे का इंतज़ाम हुआ या नहीं। बिक्री: गाँव, ज़मीन की क़िस्म और रक़बा, ज़मीन अकेले की है, साझा है या विरासत में मिली, सभी मालिक सहमत हैं या नहीं, माँगी क़ीमत, समय-सीमा और हाथ में काग़ज़। जाँच: ज़िला, तहसील और गाँव, खसरा या खेवट, सौदा किस चरण में है, और आपकी चिंता क्या है।

फिर क्या होता है

कार्य-समय (सोम–शनि 10–7) में उसी दिन जवाब — ज़रूरी हो तो कॉल कीजिए। ज़मीन ढूँढने या रिकॉर्ड जाँचने में ज़्यादा समय लगता है। शाम 7 बजे के बाद और रविवार को जवाब अगले कार्य-दिवस आता है। आपकी ज़रूरत लिखित में दोहराई जाती है और किसी भी टुकड़े की बात से पहले रिकॉर्ड की पहली जाँच होती है।

फ़ीस और काम का दायरा किसी भी काम से पहले लिखित में तय होते हैं। मौक़े पर जाना तभी होता है जब ज़रूरत लिखित में हो और रिकॉर्ड की पहली जाँच हो चुकी हो। आपकी मंज़ूरी के बिना कुछ भी हमारे दफ़्तर से बाहर साझा नहीं होता; जहाँ किसी साझेदार की ज़रूरत हो, उसका नाम पहले लिखित शर्तों में आता है।

पहले — आपको क्या चाहिए?

सबसे तेज़ — एक टैप

WhatsApp पर बताइए

भरने वाला एक संदेश खुलता है: पंक्तियों के जवाब लिखिए, कुछ भी बदलिए, फिर भेजिए।

WhatsApp पर भेजें

इस फ़ोन या कंप्यूटर पर WhatsApp नहीं है? कॉल कीजिए +91 70155 03815 (सोम–शनि 10:00–19:00 IST · रविवार बंद).

या पहले यहाँ जवाब दीजिए

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